बिटकॉइन से सीवीवी बेचने का तरीका: कानून क्या कहता है
सीवीवी बेचना और बिटकॉइन में भुगतान लेना भारत में अपराध है। जानें CVV क्या है, कार्ड पर कहाँ मिलता है और लागू धाराएँ क्या हैं।
जो वेबसाइट सीवीवी डेटा बेचती हैं और भुगतान के लिए बिटकॉइन लेती हैं, वे अवैध कार्डिंग बाज़ार हैं। वे चोरी किए गए कार्ड नंबर, एक्सपायरी तारीख और सीवीवी बेचती हैं। ऐसा डेटा खरीदना, बेचना या इस्तेमाल करना भारत में अपराध है। ऐसी कोई वेबसाइट वैध नहीं होती।
बिटकॉइन से सीवीवी बेचने का तरीका: कानून क्या कहता है
CVV का पूरा नाम Card Verification Value है। यह 3 या 4 अंकों का कोड है जो कार्ड जारी करने वाला बैंक जनरेट करता है। यह कोड ऑनलाइन भुगतान के समय पुष्टि करता है कि कार्ड आपके पास है।
सीवीवी (CVV) और सीवीसी (CVC) क्या है और कार्ड पर कहाँ मिलता है
सीवीवी केवल आपके असली कार्ड पर छपा होता है। यह बैंक स्टेटमेंट, नेट बैंकिंग डैशबोर्ड या UPI ऐप में नहीं दिखता। RBI के टोकनाइज़ेशन नियम 1 अक्टूबर 2022 से लागू हैं। इनके तहत ऑनलाइन व्यापारी आपका कार्ड नंबर सेव नहीं कर सकते। वे सिर्फ टोकन रखते हैं।
ऐसी वेबसाइटें बंद या निजी नेटवर्क पर चलती हैं। भुगतान बिटकॉइन या दूसरे क्रिप्टो में लिया जाता है। बेचा जाने वाला डेटा फ़िशिंग, स्किमर और डेटा लीक से आता है। क्रिप्टो का पब्लिक लेजर स्थायी होता है, इसलिए ट्रांजैक्शन ट्रेस हो सकते हैं। भारत में क्रिप्टो लीगल टेंडर नहीं है। वर्चुअल डिजिटल एसेट पर आय पर 30% टैक्स सेक्शन 115BBH के तहत और 1% TDS सेक्शन 194S के तहत लगता है।
बिटकॉइन से भुगतान करने पर अपराध खत्म नहीं होता। बैंक धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन को रिवर्स कर सकते हैं और कार्ड बंद कर सकते हैं।
भारत में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज होती है। हेल्पलाइन नंबर 1930 है। नज़दीकी साइबर थाने में लिखित शिकायत भी दी जा सकती है। शिकायत में समय, रकम और ट्रांजैक्शन ID दें।
सीवीवी बेचना और बिटकॉइन में भुगतान लेना भारत में अपराध है। जानें CVV क्या है, कार्ड पर कहाँ मिलता है और लागू धाराएँ क्या हैं।
CVV/CVC कार्ड पर छपा 3 या 4 अंकों का सुरक्षा कोड है। यह सिर्फ आपके कार्ड पर मिलता है। बैंक इसे कभी फोन, SMS या ईमेल पर नहीं मांगता।
सीवीवी कार्ड पर छपा 3 या 4 अंकों का कोड है। बिटकॉइन से सीवीवी बेचने वाली कोई वैध वेबसाइट नहीं है। ऐसा लेनदेन भारत में अपराध है।