सीवीवी/सीवीसी क्या है: कार्ड पर कहाँ मिलता है और बिटकॉइन बिक्री साइटें क्यों अवैध हैं
सीवीवी कार्ड पर छपा 3 या 4 अंकों का कोड है। बिटकॉइन स्वीकार करने वाली CVV बिक्री साइटें कार्डिंग मार्केटप्लेस हैं और भारत में अवैध हैं।
ऑनलाइन CVV बेचने का कोई वैध तरीका नहीं है। CVV कार्डधारक की पहचान जांचने वाला 3 या 4 अंकों का कोड है। इसे बेचना, खरीदना या साझा करना भारत में अपराध है। IT Act 2000 की धारा 66C और 66D के तहत मुकदमा चल सकता है। सजा 3 साल तक कैद, जुर्माना या दोनों हो सकती है।
CVV का पूरा नाम Card Verification Value है। Visa, Mastercard और RuPay कार्ड पर यह 3 अंकों का होता है और कार्ड के पीछे हस्ताक्षर पट्टी पर छपा होता है। American Express पर यह 4 अंकों का CID होता है और कार्ड के सामने होता है।
CVV कार्ड नंबर से अलग होता है। ऑनलाइन भुगतान में व्यापारी यह कोड मांगता है ताकि पता चले कि भुगतान करने वाले के पास असली कार्ड है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने की कीमत: कोई वैध दर नहीं है
CVV को कहीं नोट नहीं करना चाहिए। फोन, ईमेल या चैट पर किसी को नहीं बताना चाहिए। बैंक कर्मचारी कभी CVV नहीं मांगते।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने वाली साइट: CVV क्या है और कहां मिलता है
CVV कार्डधारक की गोपनीय जानकारी है। इसे बेचने का मतलब है किसी और के खाते से पैसे निकालने का रास्ता देना। भारत में इसे card-not-present धोखाधड़ी कहा जाता है।
लागू कानूनी प्रावधान:
व्यापारियों और भुगतान कंपनियों पर भी नियम लागू होते हैं। PCI DSS मानक कहता है कि भुगतान पूरा होने के बाद CVV या CVC कभी सेव नहीं करना चाहिए।
तुरंत बैंक को सूचना दें और कार्ड ब्लॉक कराएं। RBI के जुलाई 2017 के सर्कुलर के अनुसार, अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की सूचना 3 कार्यदिवस के भीतर देने पर ग्राहक का दायित्व शून्य माना जाता है। शिकायत cybercrime.gov.in पोर्टल पर दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
सीवीवी कार्ड पर छपा 3 या 4 अंकों का कोड है। बिटकॉइन स्वीकार करने वाली CVV बिक्री साइटें कार्डिंग मार्केटप्लेस हैं और भारत में अवैध हैं।
CVV ऑनलाइन बेचने के लिए कोई वैध या भरोसेमंद साइट नहीं है। जानिए CVV क्या है, कहां छपा होता है, और भारत में कार्ड डेटा बेचना क्यों अपराध है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने की कोई वैध कीमत नहीं है। भारत में CVV की बिक्री IT Act 2000 की धारा 66C और 66D के तहत अपराध है।