CVV/CVC क्या है और इसे बेचना भारत में क्यों अपराध है

सीवीवी ऑनलाइन बेचने का कोई वैध तरीका मौजूद नहीं है

CVV यानी कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू किसी कार्डधारक का गोपनीय कोड है। इसे बेचना, खरीदना या साझा करना भारत में अपराध है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत यह धोखाधड़ी और पहचान की चोरी की श्रेणी में आता है। इसका कोई तेज़, सुरक्षित या कानूनी रास्ता नहीं है। जो साइटें ऐसा दावा करती हैं, वे धोखाधड़ी करती हैं या जांच एजेंसी की निगरानी में चलती हैं।

सीवीवी/सीवीसी क्या है: कार्ड पर कहाँ मिलता है और बिटकॉइन बिक्री साइटें क्यों अवैध हैं

सीवीवी/सीवीसी क्या है

CVV कोड Visa, Mastercard और RuPay कार्ड पर 3 अंकों का होता है। American Express पर यह 4 अंकों का होता है। यह कोड बताता है कि भुगतान करने वाले के पास असली कार्ड मौजूद है। ऑनलाइन लेनदेन में बैंक इस कोड और OTP से भुगतान की पुष्टि करता है। कार्ड नंबर से CVV नहीं बनाया जा सकता; यह कार्ड बनाते समय तय होता है।

सीवीवी ऑनलाइन बेचने की जगह

CVV कार्ड पर कहाँ मिलता है

  • Visa, Mastercard, RuPay: कार्ड के पीछे, सिग्नेचर पट्टी के पास, 3 अंक।
  • American Express: कार्ड के सामने, कार्ड नंबर के ऊपर, 4 अंक।
  • कुछ कार्ड में यह नंबर मिटा दिया जाता है। यह सुरक्षा उपाय है।

भारत में कानून और सज़ा

IT Act 2000 की धारा 43 कंप्यूटर संसाधन के अनधिकृत उपयोग पर जुर्माना लगाती है। धारा 66C पहचान की चोरी पर 3 साल तक कैद और 1 लाख रुपये तक जुर्माना का प्रावधान करती है। धारा 66D कंप्यूटर का उपयोग करके ठगी पर 3 साल तक कैद और 1 लाख रुपये तक जुर्माना तय करती है। BNS 2023 की धाराएँ 318 और 319 ठगी और जालसाजी को कवर करती हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक के नियम भुगतान कार्ड डेटा को संग्रहीत करने पर रोक लगाते हैं।

सीवीवी ऑनलाइन बेचने की कीमत: कोई वैध दर नहीं है

ऐसे प्लेटफ़ॉर्म क्यों खतरनाक हैं

"सबसे तेज़ बिक्री" का दावा करने वाले प्लेटफ़ॉर्म आम तौर पर तीन तरीके अपनाते हैं। पहला, एडवांस फीस वसूलना और फिर संपर्क काट देना। दूसरा, बेचने वाले का अपना बैंक डेटा और दस्तावेज़ चुराना। तीसरा, लेनदेन का रिकॉर्ड सबूत के रूप में इस्तेमाल करना। ऐसे मामलों में पैसा वापस मिलने की संभावना कम रहती है।

सीवीवी ऑनलाइन बेचने वाली साइट: CVV क्या है और कहां मिलता है

अगर कार्ड डेटा लीक हो जाए

  1. बैंक को तुरंत सूचित करें और कार्ड ब्लॉक करवाएँ।
  2. पिछले 30 दिनों का लेनदेन विवरण जांचें और अनजान एंट्री पर आपत्ति दर्ज करें।
  3. राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
  4. OTP और CVV किसी से साझा न करें, फोन कॉल पर भी नहीं।
  5. संदिग्ध लिंक पर कार्ड डिटेल भरने से बचें।

सारांश

CVV कार्ड की सुरक्षा की दूसरी परत है, कोई उत्पाद नहीं। इसे बेचने का कोई तरीका नहीं है, तेज़ तो बिल्कुल नहीं। कार्डधारक के लिए सही कदम है कि वह कोड किसी को न बताए और लीक होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करे।

What's New

सीवीवी/सीवीसी क्या है: कार्ड पर कहाँ मिलता है और बिटकॉइन बिक्री साइटें क्यों अवैध हैं

सीवीवी कार्ड पर छपा 3 या 4 अंकों का कोड है। बिटकॉइन स्वीकार करने वाली CVV बिक्री साइटें कार्डिंग मार्केटप्लेस हैं और भारत में अवैध हैं।

Read our complete guide: Carding Ke Liye Sell CVV Website: Sach, Kaam Aur Khatra