सीवीवी ऑनलाइन बेचने का तरीका: यह अपराध है, जानें कानून और सजा
सीवीवी ऑनलाइन बेचने का कोई कानूनी तरीका नहीं है। जानें सीवीवी क्या है, कहाँ मिलता है, और भारत में इसके दुरुपयोग पर कौन सी सजा मिलती है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने वाली वेबसाइट की कोई वैध सूची नहीं है। जो साइटें CVV बेचने का दावा करती हैं, वे चोरी हुए कार्ड डेटा का कारोबार करती हैं। भारत में ऐसा डेटा खरीदना, बेचना या रखना अपराध है। इसलिए इस लेख में ऐसी किसी साइट का नाम या पता नहीं दिया गया है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने का तरीका: यह अपराध है, जानें कानून और सजा
CVV का पूरा नाम Card Verification Value है। CVC का पूरा नाम Card Verification Code है। यह कार्ड पर छपे 3 या 4 अंकों का कोड होता है। यह कार्ड नंबर से अलग होता है। ऑनलाइन भुगतान के समय बैंक या भुगतान गेटवे यह कोड मांगता है। कोड का मकसद यह पक्का करना है कि भुगतान करने वाले के पास असली कार्ड है।
भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C किसी और की पहचान या इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के धोखे से इस्तेमाल पर रोक लगाती है। धारा 66D कंप्यूटर संसाधन के जरिए प्रतिरूपण से धोखाधड़ी को दंडनीय बनाती है। दोनों में 3 साल तक कैद और 1 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318 ठगी से जुड़े मामलों को कवर करती है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने वाली वेबसाइट की सूची
भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों के मुताबिक 1 अक्टूबर 2022 के बाद कार्ड जारीकर्ता या कार्ड नेटवर्क के अलावा कोई व्यापारी कार्ड डेटा सेव नहीं कर सकता। इस व्यवस्था को कार्ड-ऑन-फाइल टोकनाइज़ेशन कहते हैं। PCI DSS मानक कहता है कि ऑथराइज़ेशन पूरा होने के बाद CVV या CVC को स्टोर नहीं किया जा सकता।
क्या CVV बेचने वाली कोई कानूनी वेबसाइट है? नहीं। किसी वेबसाइट को कार्ड धारक की अनुमति के बिना CVV बेचने या खरीदने का अधिकार नहीं है।
क्या CVV को सेव किया जा सकता है? PCI DSS मानक के मुताबिक ऑथराइज़ेशन के बाद नहीं।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने का कोई कानूनी तरीका नहीं है। जानें सीवीवी क्या है, कहाँ मिलता है, और भारत में इसके दुरुपयोग पर कौन सी सजा मिलती है।
CVV/CVC कार्ड पर छपा 3 या 4 अंकों का सुरक्षा कोड है। जानें यह कहाँ मिलता है, RBI और PCI DSS नियम क्या हैं, और CVV बेचना अपराध क्यों है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचना भारत में अपराध है। जानें CVV क्या है, IT Act की धाराएँ, RBI नियम, जोखिम और शिकायत का तरीका।