क्या मैं सीवीवी ऑनलाइन बेच सकता हूं? कानून और तथ्य
भारत में सीवीवी बेचना अवैध है। आईटी अधिनियम की धारा 66C, 66D और भारतीय न्याय संहिता के तहत सजा। जानें कानूनी प्रावधान।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने का कोई कानूनी विकल्प मौजूद नहीं है। CVV या CVC उस कार्डधारक की गोपनीय जानकारी है जिसके नाम पर कार्ड जारी हुआ है। इसे बेचना, खरीदना, साझा करना या स्टोर करना भारत में अपराध है। ऐसा कोई लाइसेंस, पोर्टल या बाज़ार नहीं है जहाँ CVV की कानूनी बिक्री हो सके।
नीचे CVV और CVC की परिभाषा, कार्ड पर उसकी जगह, भारत के कानून और धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग के तथ्य दिए गए हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C पासवर्ड या यूनिक आइडेंटिफिकेशन फीचर के धोखाधड़ी वाले इस्तेमाल पर लागू होती है। सजा 3 साल तक कैद और 1 लाख रुपये तक जुर्माना है। धारा 66D कंप्यूटर संसाधन से धोखा देने पर लागू होती है। सजा वही है।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318 ठगी और धारा 319 किसी व्यक्ति की नकल कर ठगी को अपराध बनाती है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने के लिए सबसे अच्छी साइट कौन सी है
PCI DSS नियम कहता है कि authorization के बाद CVV समेत संवेदनशील प्रमाणीकरण डेटा स्टोर नहीं किया जा सकता। यह नियम सभी बड़े कार्ड नेटवर्क पर लागू होता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2022 से व्यापारियों के लिए कार्ड डेटा स्टोर करना बंद किया। केवल टोकनाइजेशन की अनुमति है।
CVV कार्ड का पासवर्ड नहीं है। इसे बदला नहीं जा सकता। नया कार्ड मिलने पर नया CVV मिलता है। कोई बैंक कर्मचारी फोन पर CVV नहीं मांगता। कोई भी वैध संस्था CVV की बिक्री का ऑफर नहीं देती।
भारत में सीवीवी बेचना अवैध है। आईटी अधिनियम की धारा 66C, 66D और भारतीय न्याय संहिता के तहत सजा। जानें कानूनी प्रावधान।
CVV ऑनलाइन बेचने का कोई वैध तरीका नहीं है। यह कार्ड धोखाधड़ी है। भारत में IT Act 66C, 66D और BNS धारा 318, 319 के तहत सजा का प्रावधान है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने की कोई कानूनी जगह नहीं है। CVV बेचना IT Act की धारा 66C और 66D के तहत अपराध है। जानें कानून और कानूनी विकल्प।