सीवीवी ऑनलाइन बेचने के लिए टिप्स: भारत में अपराध और सजा

छोटा जवाब

CVV कार्ड पर छपा 3 या 4 अंकों का कोड है। इसे बेचना, खरीदना या साझा करना भारत में अपराध है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C और 66D के तहत 3 साल तक कैद और ₹1 लाख तक जुर्माना लग सकता है। ऐसे मामलों में बैंक खाता फ्रीज होता है, KYC ब्लैकलिस्ट होती है और मुकदमा दर्ज होता है। CVV बेचने के लिए कोई वैध तरीका मौजूद नहीं है।

सीवीवी ऑनलाइन बेचने के लिए आवश्यक शर्तें

CVV क्या है और कहाँ मिलता है

CVV को कार्ड जारी करने वाला बैंक जनरेट करता है। यह कार्ड की चिप या मैग्नेटिक स्ट्राइप पर सेव नहीं होता। इसलिए कार्ड का फिजिकल कॉपी बनाने से CVV नहीं मिलता।

read more

  • Visa, Mastercard और RuPay कार्ड पर 3 अंक, कार्ड के पीछे सिग्नेचर पट्टी के पास।
  • American Express कार्ड पर 4 अंक, कार्ड के सामने।
  • अलग नाम: CVV2, CVC2, CID। ये सभी एक ही चीज हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक के Card-on-File Tokenisation नियम 1 अक्टूबर 2022 से लागू हैं। इसके बाद कोई भी मर्चेंट या पेमेंट गेटवे ग्राहक का CVV सेव नहीं कर सकता। जो डेटा पहले से सेव था, उसे हटाना जरूरी था।

read more

बेचना अपराध क्यों है

CVV का इस्तेमाल कार्ड-नॉट-प्रेजेंट लेनदेन में होता है। कार्ड मालिक की अनुमति के बिना यह कोड बेचना धोखाधड़ी की तैयारी है।

सीवीवी ऑनलाइन बेचने के लिए टिप्स

  • IT Act धारा 66C: पहचान की चोरी। 3 साल तक कैद, ₹1 लाख तक जुर्माना।
  • IT Act धारा 66D: कंप्यूटर संसाधन से प्रतिरूपण करके ठगी। 3 साल तक कैद, ₹1 लाख तक जुर्माना।
  • भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318 और 319: ठगी और प्रतिरूपण द्वारा ठगी। 7 साल तक कैद।
  • PCI DSS Requirement 3.2: ऑथराइजेशन के बाद CVV को स्टोर करना वर्जित है।

नतीजे आगे तक जाते हैं। बैंक चार्जबैक करता है और पैसा वापस लेता है। विक्रेता का खाता फंस जाता है। विदेशी कार्ड होने पर उस देश की एजेंसी भी केस जोड़ती है।

डार्क वेब लिस्टिंग की सच्चाई

ऑनलाइन बाजारों में बिकने वाले अधिकतर CVV डेटा पुराने, बंद या नकली होते हैं। खरीदार को एडवांस पेमेंट लेकर विक्रेता गायब हो जाता है। दोनों तरफ कोई कानूनी सुरक्षा नहीं है, क्योंकि सौदा खुद गैरकानूनी है। ऐसे लेनदेन में पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराती।

कानूनी विकल्प क्या हैं

अगर कार्ड पेमेंट से जुड़ा काम करना है, तो रास्ता लाइसेंस से जाता है।

  1. RBI से मान्यता प्राप्त Payment Aggregator या Payment Gateway के जरिए पेमेंट लें।
  2. टोकनाइजेशन API अपनाएं। असली कार्ड नंबर और CVV आपके सर्वर पर आए ही नहीं।
  3. अपनी कंपनी को PCI DSS कंप्लायंट बनाएं। ऑडिट और नेटवर्थ की शर्तें पूरी करनी होती हैं।
  4. फ्रॉड डिटेक्शन और 3D Secure को अपने चेकआउट में जोड़ें।

अगर आपका CVV मांगा जाए या बिका हो

  1. कार्ड जारी करने वाले बैंक को तुरंत कॉल करें और कार्ड ब्लॉक करवाएं।
  2. cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। हेल्पलाइन नंबर 1930 है।
  3. पहले 24 घंटे में शिकायत करें, तभी पैसा वापस मिलने की संभावना रहती है।
  4. बैंक को लिखित शिकायत दें और नजदीकी साइबर थाने में FIR की कॉपी जमा करें।

सार

CVV एक सुरक्षा कोड है, उत्पाद नहीं। इसे बेचने के लिए कोई टिप्स, कोई मार्केटप्लेस और कोई ग्राहक वैध नहीं है। भारत में इसका दाम जेल और जुर्माना है। पेमेंट से जुड़ा कारोबार करना है तो RBI लाइसेंस, टोकनाइजेशन और PCI DSS मानकों पर काम करें।

What's New

What's New

CVV/CVC क्या है और कहां मिलता है

CVV कार्ड के पीछे छपे 3 अंक होते हैं। जानें CVV/CVC कहां मिलता है, भारत में RBI और IT Act के नियम, और बिटकॉइन से CVV बेचने वाली वेबसाइट क्यों गैरकानूनी है।

Read our complete guide: Carding Ke Liye Sell CVV Website: Sach, Kaam Aur Khatra