सीवीवी ऑनलाइन बेचने की समीक्षा: तथ्य, कानून और जोखिम
सीवीवी ऑनलाइन बेचना भारत में अपराध है। जानें CVV क्या है, IT Act की धाराएँ, RBI नियम, जोखिम और शिकायत का तरीका।
CVV कार्ड पर छपा 3 या 4 अंकों का सुरक्षा कोड है। यह ऑनलाइन भुगतान के समय कार्ड की पुष्टि करता है। CVV कार्ड के पीछे मिलता है। कोई वैध वेबसाइट CVV नहीं बेचती। जो साइटें सीवीवी ऑनलाइन बेचने का दावा करती हैं, वे चोरी किया गया कार्ड डेटा बेचती हैं या खरीदार से पैसे लेकर गायब हो जाती हैं। दोनों काम भारत में अपराध हैं।
CVV का पूरा नाम Card Verification Value है। Visa इस शब्द का इस्तेमाल करता है। Mastercard और RuPay कार्ड पर इसे CVC यानी Card Verification Code कहा जाता है। दोनों का काम एक है: यह साबित करना कि भुगतान करने वाले के पास असली कार्ड है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने वाली वेबसाइट की सूची
यह कोड कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और बैंक के गुप्त डेटा से बनता है। कार्ड जारी करने वाला बैंक इसे चुंबकीय पट्टी या चिप में नहीं रखता। इसलिए स्किमिंग मशीन से कार्ड डेटा चोरी होने पर भी CVV अक्सर सुरक्षित रहता है।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने की वेबसाइट: कोई वैध साइट नहीं, कानून क्या कहता है
बैंक कर्मचारी, कस्टमर केयर, दुकानदार, डिलीवरी एजेंट या कॉल करने वाला कोई व्यक्ति CVV नहीं मांगता। OTP और CVV दोनों गुप्त रहते हैं। अगर कोई फोन पर CVV मांगे तो कॉल काट दें।
ऑनलाइन भुगतान में CVV सिर्फ भरोसेमंद भुगतान पेज पर डालें। पेज का पता https से शुरू होना चाहिए। पब्लिक वाई-फाई पर कार्ड भुगतान न करें। बैंक ऐप में कार्ड के ऑनलाइन इस्तेमाल को बंद और चालू करने की सुविधा होती है; भुगतान के बाद इसे बंद रखें।
सीवीवी ऑनलाइन बेचना भारत में अपराध है। जानें CVV क्या है, IT Act की धाराएँ, RBI नियम, जोखिम और शिकायत का तरीका।
ऑनलाइन CVV बेचने वाली साइटें कार्डिंग मार्केट हैं और गैरकानूनी हैं। CVV आपके कार्ड पर मिलता है। जानें कानून, जोखिम और शिकायत का तरीका।
सीवीवी ऑनलाइन बेचने की कोई वैध वेबसाइट नहीं है। यह कार्ड धोखाधड़ी है और भारत में IT Act व BNS के तहत दंडनीय अपराध है।